


टेलीटाइपिंग का आकर्षक इतिहास: संचार में एक अग्रणी प्रौद्योगिकी
टेलीटाइपिंग टेलीप्रिंटर मशीन पर संदेश टाइप करने की एक विधि है, जिसका उपयोग दूरसंचार के शुरुआती दिनों में टाइप किए गए संदेशों को टेलीग्राफ लाइनों पर भेजने के लिए किया जाता था। इस प्रक्रिया में एक विशेष कीबोर्ड का उपयोग करना शामिल था जो एक प्रिंटर को विद्युत संकेत भेजता था, जो प्राप्तकर्ता के अंत में संदेश को प्रिंट करता था। "टेलीटाइपिंग" शब्द "टेलीफोन" और "टाइपिंग" शब्दों से लिया गया है, क्योंकि यह एक संयोजन था ये दो प्रौद्योगिकियाँ। टेलीप्रिंटर और कंप्यूटर जैसे संचार के अधिक आधुनिक रूपों के आगमन से पहले, इसका उपयोग मुख्य रूप से 1920 और 1930 के दशक में किया गया था। टेलीटाइपिंग दूरसंचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नवाचार था, क्योंकि यह लंबी दूरी पर टाइप किए गए संदेशों के तेजी से प्रसारण की अनुमति देता था। यह हाथ से या मोर्स कोड के माध्यम से संदेश भेजने के पहले के तरीकों की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार था। कुल मिलाकर, टेलीटाइपिंग ने आधुनिक संचार प्रणालियों के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और यह प्रौद्योगिकी के विकास में रुचि रखने वालों के लिए इतिहास का एक दिलचस्प हिस्सा बना हुआ है। .



