


डिस्टिलेट्स को समझना: प्रकार, अनुप्रयोग और महत्व
डिस्टिलेट एक प्रकार का पेट्रोलियम उत्पाद है जो शोधन प्रक्रिया से प्राप्त होता है। इनका उत्पादन कच्चे तेल के आसवन के दौरान होता है, जिसमें तेल को गर्म करके उसके क्वथनांक के आधार पर अलग-अलग अंशों में अलग किया जाता है। डिस्टिलेट अंश हाइड्रोकार्बन से बना होता है जो 150°C और 360°C के बीच उबलता है, और इसमें गैसोलीन, डीजल ईंधन, जेट ईंधन और हीटिंग ऑयल जैसे कई उत्पाद शामिल होते हैं।
डिस्टिलेट का उपयोग विभिन्न अनुप्रयोगों में किया जाता है, जिनमें शामिल हैं :
1. परिवहन ईंधन: गैसोलीन और डीजल ईंधन परिवहन में उपयोग किए जाने वाले सबसे आम डिस्टिलेट हैं। वे कारों, ट्रकों, बसों और अन्य वाहनों में आंतरिक दहन इंजनों को शक्ति प्रदान करते हैं।
2. हीटिंग ईंधन: हीटिंग ऑयल एक डिस्टिलेट है जिसका उपयोग घरों और व्यवसायों को गर्म करने के लिए किया जाता है। सर्दियों के महीनों के दौरान गर्मी प्रदान करने के लिए इसे आमतौर पर भट्टियों या बॉयलरों में जलाया जाता है।
3. विमानन ईंधन: जेट ईंधन एक डिस्टिलेट है जिसका उपयोग विमान के इंजनों को बिजली देने के लिए किया जाता है। विमान के सुरक्षित और कुशल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए इसे सख्त गुणवत्ता मानकों को पूरा करना होगा।
4. औद्योगिक अनुप्रयोग: डिस्टिलेट का उपयोग विभिन्न औद्योगिक अनुप्रयोगों में भी किया जाता है, जैसे स्नेहक, मोम और अन्य पेट्रोकेमिकल्स के उत्पादन में। कुल मिलाकर, डिस्टिलेट शोधन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, और वे हमारी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



