


डेमोटिक्स को समझना: रोजमर्रा की भाषा के उपयोग का अध्ययन
डेमोटिक्स एक शब्द है जिसका उपयोग इस अध्ययन का वर्णन करने के लिए किया जाता है कि लोग रोजमर्रा की स्थितियों में भाषा का उपयोग कैसे करते हैं, विशेष रूप से सोशल मीडिया, टेक्स्ट संदेश और ऑनलाइन मंचों जैसे अनौपचारिक संदर्भों में। यह एक अंतःविषय क्षेत्र है जो वास्तविक जीवन के संदर्भों में भाषा का उपयोग कैसे किया जाता है यह समझने के लिए भाषा विज्ञान, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान और अन्य विषयों का सहारा लेता है। डेमोटिक्स का संबंध उन तरीकों से है जिसमें भाषा का उपयोग सामाजिक संबंधों, भावनाओं, दृष्टिकोणों को संप्रेषित करने के लिए किया जाता है। पहचान, साथ ही सामाजिक मानदंडों और सांस्कृतिक मूल्यों को आकार देने में भाषा की भूमिका। यह इस बात की भी जांच करता है कि विभिन्न सामाजिक समूहों में भाषा का उपयोग कैसे भिन्न होता है, जैसे कि उम्र, लिंग, जातीयता और सामाजिक आर्थिक स्थिति।
डेमोटिक्स में फोकस के कुछ प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:
1. स्लैंग और बोलचाल: डेमोटिक्स उन तरीकों की जांच करता है जिनमें लोग एक दूसरे के साथ संवाद करने के लिए स्लैंग और बोलचाल की अभिव्यक्तियों का उपयोग करते हैं, खासकर ऑनलाइन संदर्भों में।
2। इमोटिकॉन्स और इमोजीस: इमोटिकॉन्स और इमोजीस का उपयोग डेमोटिक्स का एक प्रमुख पहलू है, क्योंकि इन प्रतीकों का उपयोग डिजिटल संचार में भावनाओं और दृष्टिकोण को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
3. भाषा और पहचान: डेमोटिक्स यह पता लगाता है कि भाषा का उपयोग लिंग, नस्ल और कामुकता जैसी सामाजिक पहचानों को कैसे प्रतिबिंबित और आकार देता है।
4। शक्ति और असमानता: डेमोटिक्स जांच करता है कि भाषा का उपयोग दूसरों पर शक्ति या स्थिति का दावा करने के लिए कैसे किया जा सकता है, खासकर ऑनलाइन संदर्भों में जहां गुमनामी वास्तविक जीवन की सामाजिक गतिशीलता को छुपा सकती है।
5। भाषा परिवर्तन और विकास: डेमोटिक्स उन तरीकों को ट्रैक करता है जिनमें भाषा लगातार विकसित और बदल रही है, खासकर नई प्रौद्योगिकियों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के जवाब में।



