


पूर्वपाषाण काल को समझना: मानव इतिहास में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन
प्रीनोलेथिक मानव इतिहास के उस काल को संदर्भित करता है जो नवपाषाण काल से पहले का है। नवपाषाण काल की विशेषता कृषि के विकास और पशुओं को पालतू बनाना है, जो खानाबदोश, शिकारी-संग्रहकर्ता जीवन शैली से दूर एक महत्वपूर्ण बदलाव को चिह्नित करता है। इसलिए, पूर्व-पाषाण काल एक कृषि समाज में इस संक्रमण से पहले के समय को संदर्भित करता है, जब मनुष्य अभी भी शिकारी-संग्रहकर्ता या खानाबदोश के रूप में रह रहे थे। ऐसा माना जाता है कि यह अवधि लगभग 2.5 मिलियन वर्ष पूर्व से लेकर लगभग 10,000 वर्ष पूर्व तक फैली हुई थी, और इसमें होमो हैबिलिस और होमो इरेक्टस जैसी प्रारंभिक मानव प्रजातियों का उदय हुआ था। पूर्वपाषाण काल के दौरान, मनुष्य अभी भी अपनी संज्ञानात्मक क्षमताओं और सीखने का विकास कर रहे थे। विभिन्न वातावरणों के अनुकूल होना। वे नई प्रौद्योगिकियाँ भी विकसित कर रहे थे, जैसे कि पत्थर के उपकरण, जो उन्हें विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों में जीवित रहने की अनुमति देते थे। पूर्वपाषाण काल के अंत से नवपाषाण क्रांति की शुरुआत हुई, जिसने मानव समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाए और आधुनिक सभ्यता के विकास की नींव रखी।



